हरदोई धान घोटाला: लेखपालों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को लाखों की चपत

हरदोई

हरदोई धान घोटाला

उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई में धान खरीद को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है और जांच के अंतर्गत यह खुलासा हुआ है की संडीला और शाहाबाद तहसील के कई गांव में ऐसे लोगों को किसान बनाकर सरकारी केंटो पर धान बिक्री करवाई जा रही थी। जिनके पास 1 इंच भी जमीन नहीं थी। इस पूरे मामले में लेखपाल और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिली भगत सामने आई है।

गोपनीय शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

हरदोई डीएम अनुनय झा

जानकारी के अनुसार हरदोई के जिला अध्यक्ष अनुनय झा को इस विषय में गोपनीय जानकारी प्राप्त हुई थी। जानकारी मिलते ही उन्होंने पूरे प्रकरण से जांच के आदेश दिए जिसमें सरकारी धान बिक्री पर लंबे समय से यह फर्जीवाडा चल रहा था। जिसमें 9 लेखपाल और एक कंप्यूटर ऑपरेटर सामने आया है।

11 गांवों में 1380 फर्जी किसान

जांच में पता चला कि संडीला और शाहाबाद तहसील के कुल 11 गांव में 1380 फर्जी किस निकले जिनके नाम पर अपनी कोई भी जमीन उपलब्ध नहीं है इन लोगों ने अपने आप को किसान बताकर कल 1.50 हजार 61 कुंटल धान बेच दिए और इसमें सबसे ज्यादा हैरान की बात यह है की इन लोगों के पास एक इंच भी अपनी जमीन नहीं है फिर भी इन लोगों के नाम पर फर्जी सत्यापन किया गया।

लेखपालों पर लगा गंभीर आरोप

जांच टीम का कहना है कि संबंधित लेखपालों ने जानबूझकर भूमिहीन व्यक्तियों का फर्जी सत्यापन करवाया और इसी फर्जी सत्यापन की वजह से इन लोगों को सरकारी योजना का लाभ मिला जिससे सरकारी खजाने को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।

कंप्यूटर ऑपरेटर भी संदिग्ध पाया गया

इस मामले में संडीला तहसील के कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार संदिग्ध पाए गए हैं और उनके पास लेखपालों के लॉगिन आईडी और पासवर्ड थे जिससे वह लेखपालों से OTP लेकर फर्जी सत्यापन करता था और उसमें कंप्यूटर ऑपरेटर को भी कुछ राशि का लाभ दिया जाता था।

कोतवाली में हुई रिपोर्ट दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 लेखपाल और एक कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार के खिलाफ संडीला एवं पिहानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई पुलिस निष्पक्ष पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

तीन लेखपाल सस्पेंड हुए

बीते शनिवार को अधिकारी पिसी उत्तम ने जानकारी देते हुऎ बताया संडीला तहसील के तीन लेखपालों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है जिसमें – अंकित श्रीवास्तव, अंकुर मलिक और अनिल कुमार जैसे नाम शामिल हैं। बाकी आरोपियों पर भी कार्यवाही की जा रही है।

प्रशासन ने साफ तौर पर कहा की सरकारी काम में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को बक्सा नहीं जाएगा जांच पूरी हो जाने के बाद आरोपियों पर और भी सख्त कार्यवाही की जा सकती है।

इस घोटाले के सामने आने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है यहां तक कि प्रशासन के लोग भी डरे हुए हैं आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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