ये आदतें बच्चों का भविष्य खराब कर देती हैं आज नहीं रोका, तो कल बहुत पछताना पड़ेगा

हर समय मोबाइल देना बच्चों की सोचने की शक्ति और ध्यान धीरे-धीरे खत्म कर देता है।

देखो शर्मा जी का बेटा कितना होशियार है ऐसी बातें बच्चों का आत्मविश्वास तोड़ देती हैं।

गलती पर समझाने की जगह हर बार डांटने से बच्चा डरपोक या ज़िद्दी बन जाता है।

खेलने का समय न देना पढ़ाई ज़रूरी है, लेकिन खेल नहीं होगा तो मानसिक विकास रुक जाता है।

हर ज़िद पूरी करने से बच्चा  संघर्ष करना नहीं सीख पाता।

माता-पिता बिज़ी, और बच्चा अकेला… यही दूरी आगे चलकर भावनात्मक कमज़ोरी बन जाती है।

बच्चे किन दोस्तों के साथ हैं, अगर ध्यान नहीं दिया तो आदतें बिगड़ते देर नहीं लगती।