बारामती (महाराष्ट्र):

महाराष्ट्र प्लेन हादसा: बुधवार का दिन था, मौसम सामान्य था, लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि कुछ ही देर में ऐसा मंजर देखने को मिलेगा जिसे लोग ज़िंदगी भर नहीं भूल पाएँगे। महाराष्ट्र में एक प्लेन अचानक हादसे का शिकार हो गया। देखते-देखते विमान आग का गोला बन गया और चारों तरफ धुआँ ही धुआँ फैल गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेज आवाज़ के साथ धमाका हुआ। लोग दौड़ते हुए मौके की तरफ पहुँचे, लेकिन तब तक आग इतनी भड़क चुकी थी कि पास जाना भी मुश्किल हो गया। चारों ओर जली हुई लोहे की चादरें, टूटे हुए हिस्से और बदबूदार धुआँ फैल चुका था।
शव इतने जल गए कि पहचान मुश्किल
जब फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुँचा, तो हालात बेहद खराब थे। विमान में सवार लोगों के शव बुरी तरह झुलस चुके थे। किसी का चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। हालात ऐसे थे कि कपड़े, बैग और निजी सामान के सहारे ही पहचान की कोशिश शुरू हुई।
घड़ी से की गई अजीत पवार की पहचान
मलबे के बीच राहतकर्मियों की नजर एक हाथ पर पड़ी, जिसमें अब भी एक घड़ी बंधी हुई थी। घड़ी पूरी तरह नहीं जली थी। उसका खास स्ट्रैप और डिजाइन देखकर अधिकारियों को शक हुआ कि यह हाथ अजीत पवार का हो सकता है। कुछ देर बाद जब परिवार के लोग और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने उस घड़ी को देखते ही पहचान कर ली। उसी घड़ी ने यह साफ कर दिया कि यह शव अजीत पवार का है। मौके पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर भावुक हो गए।
एम्बुलेंस से अस्पताल भेजे गए शव
हवाई अड्डे पर खड़ी एंबुलेंसों को तुरंत बुलाया गया। एक-एक कर सभी शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पूरा इलाका खामोश था, लोग बस सिर झुकाकर खड़े थे।
प्लेन क्रैश में कितने लोगों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में वरिष्ठ नेता के साथ उनके सुरक्षाकर्मी, प्लेन के 2 पायलट और 1 महिला क्रू मेंबर की भी मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गाँवों और कस्बों में शोक की लहर दौड़ गई।







