
कानपुर देहात की इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। रविवार की शाम, जब लोग रोज़मर्रा की भागदौड़ से घर लौट रहे थे, उसी वक्त एक ऐसा कांड हुआ जिसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए। 11वीं में पढ़ने वाला सौरभ पाल, जो अपनी बहन के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था, शायद यह सोच भी नहीं पाया होगा कि जिस शख्स पर वह भरोसा करता है, वही उसकी ज़िंदगी छीन लेगा।
स्कूल के पास मिलने के लिए बुलाया
इलाके में चर्चा है कि सौरभ की जान पहचान अनूप सिंह नाम के एक शिक्षक से थी। रविवार शाम अनूप ने सौरभ को स्कूल के पास मिलने के लिए बुलाया। सौरभ तय वक्त पर पहुंचा ही था कि अचानक शिक्षक ने चाकू निकालकर उसके गले पर वार कर दिया। गला कटते ही सौरभ वहीं गिर पड़ा।
फिर होश आने पर खून से लथपथ हालत में उठकर जान बचाने के लिए पास के पेट्रोल पंप की ओर दौड़ा। सड़क पर खून के छींटे फैल गए, देखने वालों की रूह कांप गई।
अस्पताल में तोड़ा दम
जब सौरव लड़खड़ाते हुए पेट्रोल पंप पर पहुंचा तब पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारियों ने सौरभ को संभाला और परिजनों को खबर दी। परिवार वाले खराब हालत में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन ज्यादा खून बह जाने की वजह से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आख़िरी सांसों में बताया कातिल का नाम
मरने से पहले सौरभ ने खुद बताया था कि अनूप सिंह ने ही उस पर चाकू से हमला किया। यही बयान अब पुलिस जांच की सबसे बड़ी कड़ी बना हुआ है। पुलिस अब शिक्षक अनूप सिंह से पूछताछ कर रही है।
₹500 बना मौत की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पूरा विवाद सिर्फ ₹500 के लेन-देन को लेकर हुआ था। लोग हैरान हैं कि क्या अब ₹500 की कीमत एक जान से ज़्यादा हो गई है।







