बेंगलुरु:

बेंगलुरु के व्यस्त इलाके केपी अगरहरा में उस समय हलचल मच गई जब लोकायुक्त पुलिस की टीम ने स्थानीय थाने में तैनात इंस्पेक्टर गोविंद राजू को ₹4 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से थाना परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोकायुक्त टीम काफी देर से सादी वर्दी में इलाके में मौजूद थी और जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, टीम ने तुरंत इंस्पेक्टर को पकड़ लिया। इस दौरान इंस्पेक्टर गिरफ्तारी का विरोध करते दिखे, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बेंगलुरु के ही रहने वाले मोहम्मद अकबर की शिकायत पर की गई। अकबर के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। आरोप है कि इंस्पेक्टर गोविंद राजू ने केस में राहत दिलाने और जमानत में मदद का भरोसा देकर ₹5 लाख की मांग की थी।
शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर पहले ही ₹1 लाख ले चुके थे और बाकी ₹4 लाख के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। आखिरकार परेशान होकर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर यह ट्रैप ऑपरेशन किया गया।
इलाके के कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने से जुड़ी शिकायतें पहले भी सुनने को मिलती रही हैं, लेकिन इस तरह की सीधी कार्रवाई पहली बार देखने को मिली है। घटना के बाद पूरे केपी अगरहरा और आसपास के बाजार क्षेत्र में दिनभर इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही।
इस कार्रवाई के बाद शहर में पुलिस व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है।







