नवलगढ़ (छत्तीसगढ़):

राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवलगढ़ से बैंकिंग व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नवलगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) शाखा में गोल्ड लोन के बदले जमा करीब 6 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य का सोना गायब पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले में बैंक के तत्कालीन मैनेजर समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब बैंक के स्ट्रांग रूम (सेफ) का चार्ज सौंपने की प्रक्रिया चल रही थी। 28 जनवरी को सेफ का चार्ज डिप्टी मैनेजर सीमा महला को दिया जाना था। इससे पहले स्ट्रांग रूम की चाबियां तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार और डिप्टी मैनेजर अनंत प्रकाश चौधरी के पास थीं।
चार्ज हैंडओवर से पहले जब सेफ में रखे गए सोने की जांच की गई तो बड़ा खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि 73 गोल्ड पैकेटों में रखे असली आभूषणों को निकालकर उनकी जगह नकली ज्वेलरी रख दी गई थी। इतना ही नहीं, तीन अन्य पैकेटों में रखे सोने का वजन भी कम मिला। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, ये सभी आभूषण गोल्ड लोन के बदले ग्राहकों से गिरवी रखवाए गए थे।
मौजूदा बैंक मैनेजर मुकेश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत नवलगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गायब सोने की कुल कीमत करीब 6.50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
नवलगढ़ पुलिस के अनुसार, इस मामले में अमित कुमार, संतोष कुमार सैनी और अनंत प्रकाश चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसमें बैंक के अंदरूनी लोगों की संलिप्तता की आशंका है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। बैंक के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और गोल्ड लोन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद नवलगढ़ सहित पूरे जिले में बैंक ग्राहकों के बीच चिंता का माहौल है, वहीं बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।







