नई दिल्ली

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है। अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि उनकी पोती स्कूल बैग में हनुमान चालीसा लेकर जाती है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने अमित शाह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पोती स्कूल बैग में हनुमान चालीसा लेकर जाती है, तो मंदिर में क्या एटलस लेकर जाती है। रागिनी नायक ने कहा कि स्कूल और मंदिर की भूमिका अलग-अलग है और दोनों को अपनी-अपनी जगह रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों की शिक्षा का केंद्र होता है, जहां उन्हें पढ़ाई-लिखाई, विज्ञान और सामान्य ज्ञान सिखाया जाता है। ऐसे में स्कूलों को धार्मिक या राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जाना चाहिए। रागिनी नायक ने यह भी कहा कि बच्चों को धार्मिक संस्कार देना परिवार की जिम्मेदारी है।
वहीं, भाजपा समर्थकों का कहना है कि अमित शाह का बयान उनकी व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश में हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने की आज़ादी है।
इस बयान के बाद एक बार फिर शिक्षा और धर्म को लेकर बहस छिड़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे मुद्दे अकसर राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बन जाते हैं।
फिलहाल इस बयान पर राजनीति तेज है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।







