
कानपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क किनारे खुदे करीब चार फीट गहरे गड्ढे में एक युवक बाइक समेत गिर गया। ठंड भरी रात में वह दलदल में फंसा रहा और मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन अंधेरे और सुनसान इलाके के कारण किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।
सुबह जब खेतों में काम करने पहुंचे किसानों ने गड्ढे में फंसे युवक को देखा, तब जाकर घटना का खुलासा हुआ। ग्रामीणों ने तुरंत युवक को बाहर निकाला। कड़ाके की ठंड को देखते हुए आग जलाई गई और उसे राहत देने की कोशिश की गई, लेकिन उसके शरीर में कोई खास हलचल नहीं दिखी। इसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान भवानीपुर गांव निवासी धीरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, धीरेंद्र पावर हाउस में वेल्डिंग का काम करते थे। वह मंगलवार को बाइक से घर के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। पूरी रात परिवार उनकी तलाश करता रहा, वहीं अगली सुबह पुलिस के जरिए उन्हें धीरेंद्र की मौत की सूचना मिली।
घटना की जानकारी मिलते ही कानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है सड़क किनारे गड्ढा क्यों और कब खोदा गया, तथा सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए, इसकी भी पड़ताल होगी।
इस हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क किनारे खुले गड्ढे न चेतावनी बोर्ड न बैरिकेडिंग ऐसी लापरवाहियों की कीमत एक परिवार को अपने बेटे की जान देकर चुकानी पड़ी।
वहीं इस घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। यूपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को लेकर सरकार को घेरा और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
फिलहाल गांव में मातम पसरा है और परिजन गहरे सदमे में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते गड्ढे की घेराबंदी की गई होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।







