
Budget 2026 girls benefit: बजट 2026–27 में केंद्र सरकार ने देश की बेटियों के लिए एक ऐसी घोषणा की है, जो आने वाले समय में लाखों परिवारों की चिंता कम कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए कहा कि देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सस्ता आवास मिल सके।
आज भी बड़ी संख्या में लड़कियां पढ़ाई या नौकरी के लिए लखनऊ, कानपुर, दिल्ली जैसे शहरों में जाती हैं। लेकिन सुरक्षित हॉस्टल या किराए के कमरे न मिलने की वजह से कई परिवार अपनी बेटियों को बाहर भेजने से हिचकिचाते हैं। कई बार तो मजबूरी में लड़कियों को पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है।
गांवों की छात्राओं का कहना है कि अगर जिले में ही सरकारी गर्ल्स हॉस्टल बन जाए, तो उन्हें दूर शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा। अभिभावकों का भी मानना है कि सरकारी हॉस्टल बनने से बेटियों की सुरक्षा को लेकर डर कम होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना खासतौर पर उन छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। हॉस्टल में रहने, खाने और सुरक्षा की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा बजट में पांच बड़ी यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की भी घोषणा की गई है। इससे आसपास के जिलों के छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े लोगों का कहना है कि यह फैसला सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गांव-कस्बों की बेटियों के सपनों को पंख देने वाला कदम है। अगर यह योजना ज़मीन पर सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ेगी।







