माधवगंज (हरदोई)

हरदोई जिले के माधवगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव में रहने वाले एक गरीब मजदूर की जिंदगी उस वक्त अस्त व्यस्त हो गई, जब उसके घर आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा।
नोटिस में साफ शब्दों में लिखा था की गोविंद पर 7 करोड़ 15 लाख 92 हजार 786 रुपये का आयकर बकाया है जो उसने अभी तक नहीं चुकाया है। यह खबर सामने आते ही गोविंद के समस्त परिवार वाले हैरान रह गए यहां तक की गांव वालों को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
गोविंद पहले के तरह ही रोज दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता था। परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना उसके लिए बेहद कठिन काम था। ऐसे में करोड़ों रुपये के टैक्स बकाया का नोटिस मिलना उसके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है।
गोविंदा के घर पहुंची आयकर विभाग की टीम
बताया जा रहा है जब आयकर विभाग की टीम रुदामऊ गांव में गोविंद के घर नोटिस लेकर पहुंची तो पूरे परिवार वालों के होश उड़ गए करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया का नोटिस देखकर परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
कानपुर में हुआ था फर्जीवाड़ा
सोमवार सुबह करीब 10 बजे गोविंद ने बताया कि करीब छह साल पहले वह काम की तलाश में कानपुर गया था। वहीं कुछ लोगों ने उसे झांसे में लेकर उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया। गोविंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसी खाते का इस्तेमाल करके आरोपियों ने बड़े पैमाने पर लेनदेन किया होगा जिसकी खबर मुझे एक बार भी नहीं लगी अब उसी फर्जी लेनदेन के चलते उसके नाम पर इतना भारी भरकम टैक्स का नोटिस आया है।
गोविंद ने लगाई न्याय की गुहार
गोविंदा का कहना है की करोड़ों रुपए तो दूर मैंने कभी भी 1 लाख रुपए एक साथ इकट्ठे नहीं देखे गोविंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरी इस मामले में सहायता की जाए और निष्पक्ष जांच की जाए।
फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर एक मजदूर के नाम पर करोड़ों का लेन-देन कैसे हो गया।







