आगरा में 26 जनवरी को हिंदू महासभा के दावे से मचा हड़कंप

आगरा में 77 वें गणतंत्र दिवस के दिन ताजमहल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार वजह बना अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़े हिंदूवादी कार्यकर्ताओं का दावा, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने 26 जनवरी को ताजमहल परिसर के अंदर जाकर तिरंगा फहराया और “भारत माता की जय” के नारे लगाए।
खुद को हिंदू महासभा का पदाधिकारी बताने वाले नंदू कुमार और नितेश भारद्वाज का कहना है कि वे सुबह के समय ताजमहल परिसर में दाखिल हुए और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ राष्ट्रगान भी किया। उनका दावा है कि यह पहली बार है जब गणतंत्र दिवस के दिन ताजमहल में तिरंगा फहराया गया।
इतना ही नहीं, दोनों पदाधिकारियों ने एक बार फिर ताजमहल को लेकर पुराना दावा दोहराया। उनका कहना है कि ताजमहल कोई मकबरा नहीं बल्कि एक प्राचीन शिव मंदिर है। हिंदू महासभा इससे पहले भी कई मौकों पर इस मुद्दे को उठा चुकी है, जिसको लेकर देशभर में बहस होती रही है।
गणतंत्र दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह के दावे सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। ताजमहल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक है और यहां किसी भी तरह की गतिविधि के लिए कड़े नियम हैं। बिना अनुमति तिरंगा फहराने या नारेबाजी की अनुमति नहीं होती।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। ताजमहल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
उधर, इस दावे के सामने आते ही शहर की गलियों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा तेज हो गई है। कोई इसे राष्ट्रभक्ति से जोड़ रहा है तो कोई इसे नियमों के उल्लंघन का मामला बता रहा है। फिलहाल प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।







